Bhartiye Darshano Mein Kya Hai?
भारतीय दर्शनों में क्या है?


Bhartiye Darshano Mein Kya Hai?भारतीय दर्शनों में क्या है?

Author: Dr. Parvesh Saxena डॉ. प्रवेश सक्सेना
Format: Paperback
Language: Hindi
ISBN: 9788122308327
Code: 4122D
Pages: 200
Price: Rs. 80.00

Published: 2003
Publisher: Pustak Mahal
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भारत में चिंतनशील परंपरा प्राचीन काल से चली आई है। अनेक महान् तत्ववेत्ता ऋषि, महर्षि तथा प्रवर्तकों ने गूढ़ चिंतन - मनन करके जो अवधारणाएं स्थापित कीं, उनका सारी दुनियां के सर्वोच्च चिंतकों ने लोहा माना। इसी चिंतन धारा को हम भारतीय दर्शनों में पाते हैं। सदा से जनमानस में तत्व चिंतन के अनेक प्रश्न उठते चले आए हैं - यथा सृष्टि रचना और उसके अंत की संभावना क्या है? मनुष्य के जन्म और मरण का शाश्वत सत्य क्या है? मनुष्य कौन है, उसका अस्तित्व क्या है? जगत् के साथ मनुष्य का क्या संबंध है? मनुष्य के जीवन का उद्देश्य क्या है? सृष्टि रचयिता यानी ईश्वर कौन है? मनुष्य का ईश्वर से क्या संबंध है? आज की बेहद जटिल सामाजिक संरचना में आदमी जब इन रहस्यमय प्रश्नों की ओर मुड़ता है, तो उसे महान् भारतीय दर्शन की याद आती है और उसका गहन चिंतन घबराहट पैदा कर देता है। लेकिन 200 पृष्ठों की यह छोटी सी पुस्तक सरल और सहज ढंग से 6 आस्तिक दर्शनों - न्याय, वैशेषिक, सांख्य, योग, मीमांसा तथा वेदांत को रेखांकित करती है।

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